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à¤à¤‚टीबायोटिक दवाइयां बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œà¤¼ से होने वाली बीमारियों के इलाज में काम आती हैं लेकिन इनके साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की बिना सलाह के लेना खतरनाक हो सकता है। मà¥à¤à¥‡ यही लगा कि à¤à¤• बीमारी ठीक कराने के चकà¥à¤•र में मà¥à¤à¥‡ दूसरी बीमारी हो गई, बताइठकैसी दवाà¤à¤‚ हैं ये? लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करने पर पता चला कि गलती मेरी है। अगर सही डोज़ में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से ली जाà¤à¤‚ तो इन दवाइयों के साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ नहीं होते। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के बारे में और जानने के लिठगाà¤à¤µ कनेकà¥à¤¶à¤¨ ने कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ से बात की।
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ बताते हैं, à¤à¤‚टीबायोटिक का गलत इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने पर जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हैं वो रसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट हो जाते हैं। इसका अरà¥à¤¥ है कि अगर आप गलत तरीकों और अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ (आपके शरीर की ज़रूरत से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾) में à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेते हैं तो जिन बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œà¤¼ की वजह से आपको बीमारी होती है उन पर ये दवाइयां असर करना बंद कर देती हैं।
à¤à¤‚टीबॉयोटिकà¥à¤¸ से होने वाले साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ में डायरिया सबसे आम है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ अनà¥à¤¸à¤‚धान परिषद की वरà¥à¤· 2017 में जारी हà¥à¤ˆ रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ये 7.1 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से 26.6 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बढ़ा है। ये रिपोरà¥à¤Ÿ à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯
अनà¥à¤¸à¤‚धान विà¤à¤¾à¤—, नई दिलà¥à¤²à¥€ के अंतरà¥à¤—त वरà¥à¤· 2015 से 2017 के बीच हà¥à¤ˆ थी। वेंटिलेटर à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ निमोनिया à¤à¥€ मरीज़ों में आम है।
आईसीयू में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ 8 से 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मरीज़ों को ये बीमारी होती है। वहीं 27 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤¸à¥‡ मरीज़ों को जो मशीन के सहारे पर होते हैं। साà¤à¤¾à¤°- The drink bussiness हमारे देश में जानकारी का अà¤à¤¾à¤µ à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ से होने वाले नà¥à¤•सान और साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के लिठसबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ज़िमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° सूरà¥à¤¯à¤•ानà¥à¤¤ तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी कहते हैं, "हमारे यहां सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फà¥à¤²à¥‚ जिसे सरà¥à¤¦à¥€-ज़à¥à¤•ाम कहते हैं और हर आदमी सोचता है कि फà¥à¤²à¥‚ में à¤à¥€ à¤à¤‚टीबॉयोटिक लेना है जो कि गलत है। फà¥à¤²à¥‚ à¤à¤• वायरल बीमारी है, इसका à¤à¤‚टीबॉयोटिक से कोई लेना देना नहीं है।" ये à¤à¥€ पढ़ें- चरà¥à¤® रोगों को न लें हलà¥à¤•े में, तà¥à¤°à¤‚त कराà¤à¤‚ इलाज वो आगे बताते हैं, "हमारे देश में à¤à¤• और चीज़ है कि à¤à¤‚टीबॉयोटिक केवल à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ का डॉकà¥à¤Ÿà¤° नहीं लिख रहा है। होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ वाला à¤à¥€ लिख रहा है, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ वाला à¤à¥€ लिख रहा है, à¤à¥‹à¤²à¤¾ छाप à¤à¥€ लिख रहा है। अपने यहां ये à¤à¥€ रोक नहीं है कि à¤à¤‚टीबॉयोटिक केवल
मॉडरà¥à¤¨ मेडीसिन पà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ करने वाला डॉकà¥à¤Ÿà¤° लिखे। पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤ªà¤¶à¤¨ की à¤à¥€ ज़रूरत नहीं है, आप सीधे मेडिकल सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° से खरीद सकते हैं।" दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के कई देशों में à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ को लेकर सखà¥à¤¤ नियम हैं। इनके इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के सही तरीकों पर बहà¥à¤¤ ज़ोर दिया जाता है, कई जगह इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कम करने की कवायद शà¥à¤°à¥‚ हो चà¥à¤•ी है लेकिन à¤à¤¾à¤°à¤¤ में फिलहाल इनके विनियमन पर किसी तरह के ठोस कदम नहीं उठाठगठहैं।
à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के लिठगाइडलाइनà¥à¤¸ जारी करता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आयà¥à¤°à¥à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ अनà¥à¤¸à¤‚धान परिषद की रिपोरà¥à¤Ÿ में आंकड़ों के साथ à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ के लिठगाइडलाइनà¥à¤¸ à¤à¥€ बताई हैं पर दिकà¥à¤•त ये है कि ये आम डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ तक पहà¥à¤‚च ही नहीं पातीं। इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° ऋचा कहती हैं, "हमारे देश में बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ हैं। इन तक गाइडलाइनà¥à¤¸ सही रूप में पहà¥à¤‚च नहीं पातीं। इनके अलावा अयोगà¥à¤¯ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की संखà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। ये छोटे कसà¥à¤¬à¥‹à¤‚ में, गाà¤à¤µà¥‹à¤‚ में होते हैं। जो मेडिकल पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¶à¥à¤¨à¤²à¥à¤¸ हैं ही नहीं वो à¤à¥€ गांवों में, जिलों में बैठकर दवाà¤à¤‚ दे रहे हैं। उनकी पहचान ही नहीं हो पाती है तो गाइडलाइनà¥à¤¸ पहà¥à¤‚चना तो असंà¤à¤µ है।" "गाइडलाइनà¥à¤¸ ज़ारी होती हैं लेकिन दिकà¥à¤•त ये है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सब तक पहà¥à¤‚चाया कैसे जाà¤? हमारे देश में दस लाख à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° हैं, 10 लाख आयà¥à¤· के डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ हैं और इन सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करीब à¤à¤• करोड़ अपंजीकृत डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ हैं," - डॉकà¥à¤Ÿà¤° आर. के. दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ कहते हैं।
"à¤à¤‚टीबॉयोटिकà¥à¤¸ से कà¥à¤› लोगों को साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ हो सकते हैं। अमॉकà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¿à¤²à¤¿à¤¨ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ à¤à¤‚टीबॉयोटिक है इससे हर चौथे, पांचवे मरीज़ को दसà¥à¤¤ होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में मरीज़ को ये नहीं समà¤à¤¨à¤¾ चाहिठकि कोई नई बीमारी हो गई है। उसे तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤‚टीबॉयोटिकà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ असर करती है। à¤à¤‚टीबॉयोटिक का उतना ही उपयोग करें जितनी ज़रूरत हो। साथ ही जैसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताठबिलà¥à¤•à¥à¤² वैसे ही लेना चाहिà¤," - à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के साइडइफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ पर वो कहते हैं। ये à¤à¥€ पढ़ें- जानिठजà¥à¤•ाम और फà¥à¤²à¥‚ में अंतर, जà¥à¤•ाम को साधारण बीमारी समà¤à¤•र न करें लापरवाही à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ का लोगों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर गलत असर न हो इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° दीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ बताते हैं, "सरकार à¤à¤• नियम बना दे कि बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤ªà¤¶à¤¨ के दवा नहीं मिलेगी तो आधी समसà¥à¤¯à¤¾ तो à¤à¤¸à¥‡ ही दूर हो जाà¤à¤—ी। गाइडलाइनà¥à¤¸ में अपगà¥à¤°à¥‡à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨ होना चाहिठयानी डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ को अदà¥à¤¯à¤¤à¤¨ जानकारी देना। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ को पूरी जानकारी देना कि कब à¤à¤‚टीबॉयोटिक देना है कब नहीं देना है, किसी बीमारी में कौन सी à¤à¤‚टीबॉयोटिक देना है? सामाजिक जागरूकता होनी चाहिà¤à¥¤"
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